राजभाषा संगठन, पूर्व रेलवे

(श्री देवेन्द्र कुमार)
मुख्य राजभाषा अधिकारी
एवं
प्रधान मुख्य बिजली इंजीनियर

(मनीष)
उप महाप्रबंधक (राजभाषा)
एवं
उप मुख्य लेखा अधिकारी (सा.)

(डॉ. मधुसूदन दत्त)
वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी
राजभाषा संगठन, पूर्व रेलवे
अधीनस्थ कार्मिक
वरिष्ठ अनुवादक | कनिष्ठ अनुवादक |
1. | श्री अजय कुमार | 1. | सुश्री नेहा साव |
2. | श्री बिजेश कुमार सिंह | 2. | श्रीमती नेहा साव |
3. | श्रीमती विनीता सिंह | 3. | श्री प्रभाकर साव |
| अधीक्षक टंकक (हिंदी) |
1. | श्रीमती सुषमा मिंज |
कार्य परिचय
भारत सरकार की राजभाषा विषयक नीतियों के अनुपालन के क्रम में पूर्व रेलवे मुख्यालय क्षेत्र में राजभाषा के प्रचार-प्रसार को निर्बाध गति से क्रियान्वित करवाना। राजभाषा विभागमूल रुप से गृह मंत्रालय के अधीन है। राजभाषा हिंदी के प्रसार-वृद्धि किए जाने तथा उसके विकास हेतु गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग,भारत सरकार द्वारा जारी किए गए अनुदेशों/दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराना ही राजभाषा विभाग का मुख्य कार्य है।इसे तीन प्रमुख रुपों में बॉंटा गया है – अनुवाद, प्रशिक्षण तथा कार्यान्वयन।
पूर्व रेलवे में विभिन्न प्रकार की समितियों यथा संसदीय समिति, राज्यसभा समिति, समन्वय समिति, रेल यात्री सुख-सुविधा समिति, लोक-लेखा समिति. ZRUCC, मंडलीय समिति, रेलवे स्थायी समिति, संसदीय राजभाषा समिति आदि का दौरा होता है । इन समितियों से संबंधित कार्यों का हिंदी अनुवाद एवं हिंदी टंकण कार्य निर्धारित समय पर पूरा किया जाता है। इसके अतिरिक्त, राजभाषा के नियमित कार्य यथा अनुवाद कार्य, विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट समय पर तैयार कर रेलवे बोर्ड को प्रेषित करना, क्षेत्रीय रेल राजभाषा कार्यान्वयन समिति की नियमित बैठक का आयोजन करना, भाषा प्रशिक्षण,हिंदी टंकण प्रशिक्षण, हिंदी आशुलिपि प्रशिक्षण का नियमित रूप से आयोजन करना, हिंदी कार्यशाला, कंप्यूटर पर हिंदी कुंजीयन प्रशिक्षण, समय-समय पर कार्मिकों को हिंदी डेस्क प्रशिक्षण दिया जाना,हिंदी पखवाड़ा का आयोजन, विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन, हिंदी नाटक का मंचन, महापुरुषों की जयंतियाँ, तकनीकी संगोष्ठी, हिंदी तिमाही पत्रिका का नियमित प्रकाशन आदि के साथ-साथ गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित वार्षिक कार्यक्रम का नियमित अनुपालन किया जाता है। पूर्व रेलवे मुख्यालय "ग" क्षेत्र में आता है, तथापि यहाँ हिंदी के प्रचार-प्रसार का कार्य भी पूरी सजगता तथा तत्परता के साथ किया जा रहा है।
इस प्रकार पूर्व रेलवे अपने क्षेत्राधिकार में राजभाषा के प्रसार-वर्धन के लिए कृतसंकल्पित है और अपने संकल्प के प्रति जागरूक तथा अग्रसर है।