हमारे बारे में सियालदह मंडल – एक नजर में संक्षिप्त इतिहास, सियालदह मंडल के क्षेत्राधिकार के अधीन रेल नेट वर्क पहले पूर्व बंगाल रेलवे का पश्चिमी हिस्सा हुआ करता था ।1 जुलाई, 1884 को पूर्व बंगाल रेलवे गारंटी रेलवे द्वारा स्वामित्व वाली लाइनों को राज्य द्वारा अधिग्रहण के बाद पूर्व बंगाल रेलवे का गठन हुआ । 1 जनवरी , 1942 को असम बंगाल रेलवे तथा पूर्व बंगाल को मिलाकर बंगाल असम रेलवे प्रणाली का गठन हुआ जिसे की राजनीतिक सीमाओं के अनुसार विभाजित किया गया तथा पुनर्गठन के बाद 14.04.52 से सियालदह मंडल पूर्व रेलवे का एक हिस्सा बना । कोलकाता ( वर्तमान में सियालदह ) एवं रानाघाट के बीच सेक्शन 29.09.1862 को खोला गया एवं रानाघाट तथा दर्शना (अब बांग्लादेश में ) के बीच सेक्शन 14.04.52 को खोला गया था । भौगोलिक अवस्थिति यह रेलवे पश्चिम बंगाल के मुख्यत: 6 बड़े जिलों को सेवा प्रदान करता है , इस मंडल का भौगोलिक विस्तार पश्चिम में हुगली नदी उत्तर पूर्व में बंगलादेश तथा दक्षिणी की ओर सुन्दर वन के बीच के भुस्थल तक फैला हुआ है । कोलकाता पश्चिम बंगाल का मुख्य व्यवसायी जिला है । यात्री यातायात का प्रवाह मुख्य रूप से कोलकाता की ओर केन्द्रीत है । सियालदह टर्मिनल कमोवेश कोलकाता शहर के बीच स्थित है । इस प्रकार यह उपनगरीय यातायात के प्रबंधन में एक मुख्य भूमिका अदा करता है । ऐतिहासिक महत्व के स्थान कोलकाता, बैरकुपर, डायमण्ड हार्बर, दक्षिणेश्वर, कृष्णानगर सीटी, नवद्वीप घाट, मुर्शिदाबाद, प्लासी, शांतिपुर इत्यादि है जो कि अपने ऐतिहासिक एवं धार्मिक पृष्ठ भूमि के कारण पूरे वर्ष बड़ी संख्या में यात्रियों को आकर्षित करते हैं। मंडल में रेल नेटवर्क सियालदह में दो टर्मिनल कॉम्पलेक्स है अर्थात् मेन/ उत्तर कॉरिडोर एवं दक्षिण कॉरिडोर । मेन कॉरिडोर आगे दम दम जंक्शन से तीन भागों में बॅट गया है । एक डानकुनी की ओर, दूसरा नैहाटी – रानाघाट – गेदे , कृष्णानगर –लालगोला एवं तीसरा बंनगांव – बारासात -हासनाबाद की ओर । दक्षिण में बज बज लाइन बालिगंज स्टेशन से अलग हो जाती है । कैंनिंग सेक्शन सोनारपुर से आरंभ होता है जबकि बारूईपुर से लक्ष्मीकांतपुर –नामखाना एवं डायमंड हार्बर शाखा अलग हो जाती है । काकुरगाछी – पार्क सर्कस कार्ड से होकर उत्तर एवं दक्षिण के बीच सम्पर्क होता है । कोलकाता टर्मिनल का उदघाटन 30 जनवरी 2006 को माननीय रेलमंत्री द्वारा किया गया था जहॉं से मेल / एक्सप्रेस गाडि़यॉं प्रस्थान करती है तथा यह चक्र रेलवे से भी जुड़ी है । दम दम जंक्शन भी मुख्य टर्मिनल की भूमिका अदा करता है जहॉं मेट्रो एवं चक्र रेलवे समाप्त हो जाती है । सियालदह के अतिरिक्त 32 टर्मिनल स्टेशन हैं जहॉं से यात्रियों की आवश्यकताओं के अनुसार गाडि़यां प्रारंभ / समाप्त होती है । पूर्व रेलवे के मानचित्र में हमारी अवस्थिति के लिए . यहॉ क्लिक करें सियालदह मंडल के प्रणाली मानचित्र के लिए. यहॉ क्लिक करें
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